हेलीकॉप्टर हादसों पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, संदीप चमोली बोले- हेली कंपनियों पर मेहरबानी श्रद्धालुओं की जान पर पड़ रही भारी
हेलीकॉप्टर हादसों पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, संदीप चमोली बोले- हेली कंपनियों पर मेहरबानी श्रद्धालुओं की जान पर पड़ रही भारी l
देहरादून
उत्तराखंड में लगातार सामने आ रहे हेलीकॉप्टर हादसों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट संदीप चमोली ने बद्रीनाथ से देहरादून लौट रहे हेलीकॉप्टर के जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली और हेली सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। संदीप चमोली ने कहा कि उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं का लगातार सामने आना महज हादसों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की हवाई सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की लापरवाही और हेली कंपनियों के प्रति कथित मेहरबानी का खामियाजा श्रद्धालुओं को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर को बद्रीनाथ से देहरादून लौट रहा हेलीकॉप्टर जोशीमठ के समीप दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हेलीकॉप्टर में पायलट सहित छह लोग सवार थे। हादसे में सभी की मौत की आशंका ने चिंता और बढ़ा दी है। क्षेत्र में खराब मौसम और बर्फबारी की चेतावनी के बावजूद उड़ानों के संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि पिछले एक दशक में उत्तराखंड में कई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं और आपात घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जून 2025 में केदारनाथ क्षेत्र में हुए हादसे के बाद भी उड़ानों की समीक्षा, संचालन पर रोक और सुरक्षा निगरानी को लेकर निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाओं का दोहराया जाना व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है। चमोली ने सरकार से सवाल किया कि खराब मौसम में हेलीकॉप्टर उड़ाने की अनुमति किस स्तर पर दी जाती है? हेली कंपनियों की नियमित सुरक्षा जांच कितनी प्रभावी है? क्या नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है? उन्होंने कहा कि हर हादसे के बाद जांच के आदेश देना और कुछ दिनों तक सख्ती दिखाना पर्याप्त नहीं है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।
उन्होंने मांग की कि जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए और जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही हेली कंपनियों के संचालन, मौसम संबंधी मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाए।
संदीप चमोली ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उनकी आस्था और जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी पर्यटन या चारधाम यात्रा व्यवस्था से अधिक महत्वपूर्ण यात्रियों की जिंदगी है।
