नंदनगर (घाट) क्षेत्र में पैदल मार्ग रखरखाव से संबंधित भ्रामक समाचार का खंडन
*‘हर काम देश के नाम’*
*नंदनगर (घाट) क्षेत्र में पैदल मार्ग रखरखाव से संबंधित भ्रामक समाचार का खंडन*
हाल ही में एक स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित खबर में यह दावा किया गया है कि भारतीय सेना की ‘कोर ऑफ इंजीनियर्स’ द्वारा नंदा देवी बड़ी जात यात्रा के दौरान सुतोल गांव से लाटाखोपरी एवं चांदनीघाट के क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग का सुधारीकरण/निर्माण किया गया है।
इस संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि कोर ऑफ इंजीनियर्स की टीम ‘माउंट त्रिशूल-I पर्वतारोहण अभियान (Mountaineering Expedition)’ के तहत इस क्षेत्र में उपस्थित थी। यह टीम बेस कैंप की ओर अपने तय मार्ग (सुतोल-लाटाखोपरी-होमकुंड) से केवल आवागमन (Induction) कर रही थी।
भारतीय सेना या कोर ऑफ इंजीनियर्स की इस पैदल मार्ग के निर्माण, रखरखाव या मरम्मत में कोई भूमिका नहीं है। यह कार्य पूरी तरह से स्थानीय नागरिक प्रशासन एवं संबंधित सिविल विभागों के अधिकार क्षेत्र में आता है। मार्ग से गुजर रही इंडक्टिंग टीम के चित्रों का बिना अनुमति/सहमति उपयोग कर उनके सामान्य आवागमन को मार्ग मरम्मत का कार्य बताकर प्रकाशित किया गया है।
समस्त मीडिया माध्यमों एवं सार्वजनिक मंचों से अनुरोध है कि भारतीय सेना की गतिविधियों के संबंध में बिना आधिकारिक पुष्टि के भ्रामक समाचार प्रकाशित न करें और न ही नागरिक अवसंरचना कार्यों का श्रेय सेना से जोड़ें।
