भारत विकास परिषद मानक सिद्ध शाखा के नवरात्रि उत्सव में गरबा-डांडिया की धूम
देहरादून
भारत विकास परिषद मानक सिद्ध शाखा के नवरात्रि उत्सव में गरबा-डांडिया की धूम
मातृशक्ति ने भजन-कीर्तन, थड़िया, झुमेलो और डांडिया से बांधा समां l सुषमा रूडोला ने संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण का दिया संदेश l
देहरादून। भारत विकास परिषद की मानक सिद्ध शाखा, बड़ोवाला की ओर से शुक्रवार को भंडारी फार्म में नवरात्रि उत्सव के उपलक्ष्य में गरबा-डांडिया एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। शाखा अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में शाम चार से छह बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र की मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति, संगीत और लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर इस आयोजन ने उपस्थित महिलाओं को भारतीय परंपराओं से जुड़ने का सुंदर अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर भगवान गणेश की वंदना के साथ किया गया। इसके पश्चात मातृशक्ति ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं के प्रतीक थड़िया और झुमेलो के साथ गरबा एवं डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। महिलाओं ने पारंपरिक उत्साह और उमंग के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेकर आयोजन को यादगार बनाया।
संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान शाखा सचिव एवं उपाध्यक्ष श्रीमती कांता पंवार ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने तथा परिवार और समाज में संस्कारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर श्रीमती सुषमा रूडोला ने सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराने तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से न केवल परिवार और समाज मजबूत होते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायता मिलती है।
श्रीमती सुषमा रूडोला सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के साथ महिलाओं के विकास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। रूडोला ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं को एक मंच पर लाने, आपसी मेलजोल बढ़ाने, सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने और अपनी परंपराओं के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रूडोला ने अपने विचार रखते हुए कहा कि नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बना कि जब मातृशक्ति एकजुट होकर आगे आती है, तो संस्कृति, संस्कार और सामाजिक समरसता को नई ऊर्जा मिलती है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें सामाजिक गतिविधियों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में शाखा की संस्कार एवं सेवा संयोजिका श्रीमती अनिता भंडारी, श्रीमती विजय लक्ष्मी शाह, शाखा सदस्य चंद्रकला, रीता मियां, यशोदा बिष्ट सहित क्षेत्र की अनेक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के समापन पर सभी बहनों के सहयोग, सहभागिता और उत्साह के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजन ने नवरात्रि की धार्मिक भावना के साथ भारतीय लोक संस्कृति, महिला सहभागिता और सामाजिक एकता का सुंदर संदेश दिया।
