एसडीवीएच पांवटा साहिब में विश्व रेबीज दिवस 2026 का आयोजन

एसडीवीएच पांवटा साहिब में विश्व रेबीज दिवस 2026 का आयोजन

पांवटा साहिब

उपमंडलीय पशु चिकित्सालय (SDVH), पांवटा साहिब में विश्व रेबीज दिवस 2026 के अवसर पर रेबीज की रोकथाम, पशुओं के टीकाकरण, जिम्मेदार पालतू पशु पालन तथा रेबीज संक्रमण से बचाव के प्रति आम जनता में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती प्रियंका वर्मा, IAS, उपायुक्त, सिरमौर द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री द्विज गोयल, IAS, उपमंडलाधिकारी (नागरिक), पांवटा साहिब; डॉ. राजीव वालिया, उप निदेशक, पशुपालन एवं प्रजनन, नाहन; रोटरी क्लब पांवटा साहिब के अध्यक्ष श्री यशपाल धीमान; वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, SDVH पांवटा साहिब डॉ अमित महाजन; पांवटा साहिब उपमंडल के पशु चिकित्सा अधिकारी तथा पशुपालन विभाग के अन्य कर्मचारी, रोटरी पांवटा साहिब के सदस्य, पशु प्रेमी तथा स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपायुक्त सिरमौर श्रीमती प्रियंका वर्मा, IAS ने पांवटा साहिब क्षेत्र में पशु कल्याण एवं रेबीज की रोकथाम के लिए कार्य कर रहे विभिन्न व्यक्तियों, संस्थाओं तथा पशु प्रेमियों के प्रयासों की सराहना की।

पशु कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उपायुक्त द्वारा श्री अशोक गोयल, MD, तिरुपति ग्रुप तथा रोटरी क्लब पांवटा साहिब को प्रशंसा पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त पांवटा साहिब में पशु कल्याण के लिए निरंतर योगदान देने वाले पशु प्रेमियों एवं अन्य सहयोगियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

विश्व रेबीज दिवस एवं Rotary Against Rabies Exposure (RARE) Programme के अंतर्गत रोटरी क्लब पांवटा साहिब द्वारा प्रथम चरण के लिए 300 एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) डोज उपलब्ध करवाई गई। इन वैक्सीन का उपयोग पशुपालन विभाग के माध्यम से स्ट्रीट एवं पालतू कुत्तों तथा बिल्लियों के निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण के लिए किया जाएगा। इस पहल से क्षेत्र में रेबीज की रोकथाम एवं नियंत्रण के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजीव वालिया, उप निदेशक, पशुपालन एवं प्रजनन, नाहन द्वारा रेबीज जागरूकता एवं रोकथाम विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति में रेबीज के संक्रमण, पशुओं के नियमित टीकाकरण, जिम्मेदार पालतू पशु पालन, पशु काटने की घटनाओं में आवश्यक सावधानियों, रेबीज के संपर्क में आने के बाद तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने तथा रेबीज नियंत्रण में सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उनके द्वारा विभाघ द्वारा कि जा रही गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला गया |

कार्यक्रम में बताया गया कि रेबीज एक रोकथाम योग्य लेकिन घातक जूनोटिक बीमारी है। कुत्तों एवं बिल्लियों का समय पर टीकाकरण, जिम्मेदार पशु पालन, आवारा पशुओं के साथ अनावश्यक संपर्क से बचाव तथा पशु के काटने की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना मानव रेबीज से होने वाली मृत्यु को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम के अंत में आम जनता से रेबीज की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा सामूहिक प्रयासों के माध्यम से “One Health एवं Zero Rabies Deaths” के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग देने का आह्वान किया गया।

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