विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन विभाग में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन विभाग में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
श्रीनगर (गढ़वाल)25सितम्बर । विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आज विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence—AI) एवं पर्यटन के विभिन्न आयामों पर केंद्रित एक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं पर्यटन मंत्री माननीय श्री सतपाल महाराज जी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रोफेसर श्री प्रकाश सिंह जी रहे। उनके मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में इस राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार के मुख्य वक्ता प्रोफेसर एस. सी. बागरी ने पर्यटन के समकालीन परिदृश्य एवं इसके विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए।
सेमिनार के दौरान पर्यटन की विभिन्न विधाओं, समकालीन पर्यटन प्रवृत्तियों तथा पर्यटन क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका और संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। AI के माध्यम से पर्यटन के क्षेत्र में शोध, गंतव्य प्रबंधन, पर्यटक अनुभव, विपणन तथा पर्यटन सेवाओं में आने वाले संभावित परिवर्तनों पर भी प्रतिभागियों द्वारा विचार साझा किए गए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं संकायाध्यक्ष (प्रमोशन एवं रिक्रूटमेंट) द्वारा भी अपने अनुभव एवं विचार साझा किए गए। सेमिनार में विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। लगभग 30 शोधार्थियों एवं छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए तथा पर्यटन एवं AI से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अकादमिक चर्चा में भाग लिया।
सेमिनार के विभिन्न तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता एवं सह-अध्यक्षता प्रोफेसर अतुल ध्यानी, प्रोफेसर महेंद्र बाबू कुरवा, डॉ. सर्वेंद्र यादव एवं डॉ. अनिल गोयल द्वारा की गई। इन सत्रों में प्रस्तुत शोध-पत्रों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया।
इस राष्ट्रीय सेमिनार का संपूर्ण आयोजन प्रोफेसर रश्मि डोडी, संयोजक, एवं डॉ. सर्वेश उनियाल, सह-संयोजक, के दिशा-निर्देशन एवं समन्वय में किया गया। पर्यटन विभाग के निदेशक प्रोफेसर राकेश कुमार डोडी ने कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय के कुलपति, मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, विभाग के समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा सेमिनार के सफल आयोजन के लिए सभी के सहयोग की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, वक्ताओं, सत्र अध्यक्षों एवं सह-अध्यक्षों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस प्रकार विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित यह राष्ट्रीय सेमिनार पर्यटन शिक्षा, शोध एवं पर्यटन क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावनाओं पर सार्थक अकादमिक विमर्श के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
