प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने वीसी के माध्यम से जनपद में आपदा की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों की ली जानकारी* ‎

देहरादून

‎कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को गढ़ी कैंट स्थित सर्किट हाउस में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद टिहरी में मानसून सीजन के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन एवं राहत-बचाव व्यवस्थाओं की समीक्षा की। कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष से जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने प्रभारी मंत्री गणेश जोशी को जनपद में आपदा से हुई क्षति, प्रभावित परिसंपत्तियों तथा स्वीकृत एवं गतिमान कार्यों की जानकारी दी।

जि‎लाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बताया कि मानसून के दौरान जनपद में 3 भवन पूर्ण रूप से तथा 136 आवास आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 26 पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हुई थीं, जिनमें से अधिकांश को सुचारू कर दिया गया है। उन्होंने सड़क, पेयजल, विद्युत, संचार व्यवस्था, जनहानि, पशुहानि सहित आपदा से प्रभावित अन्य परिसंपत्तियों एवं संचालित राहत कार्यों की भी जानकारी दी।

‎प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने जनपद में नदी तटबंधों की स्थिति, बाढ़ नियंत्रण एवं सुरक्षा कार्य, सड़क मार्गों की स्थिति, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति, संचार व्यवस्था, जनहानि-पशुहानि, एंबुलेंस की उपलब्धता, हेलीपैड, राशन वितरण तथा चारधाम एवं कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन में सड़क, पेयजल, विद्युत एवं संचार जैसी आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के साथ ही आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी, बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने, पर्याप्त मशीनरी एवं मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रभावित परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।

‎जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 7 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं तथा 39 हेलीपैड उपलब्ध हैं। मानसून के दृष्टिगत राफ्टिंग गतिविधियां तीन माह के लिए बंद हैं, जिन्हें सितंबर माह से पुनः शुरू किया जाएगा। दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तीन माह का राशन डीलरों तक पहुंचाकर वितरित किया जा रहा है। ‎उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना एवं समन्वय के लिए आईसीआरएस सक्रिय है। पशु चिकित्सकों की टीमें गत वर्ष की भांति घर-घर जाकर पशुओं के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं। जनपद में 32 एंबुलेंस उपलब्ध हैं तथा 108 सेवा की 22 एंबुलेंस/वाहन सक्रिय अवस्था में हैं।

‎नगर निकायों में नालियों की सफाई की स्थिति की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। नालियों की सूची उपलब्ध है और कितनी नालियों की सफाई की गई है, इसका सत्यापन किया जा रहा है। चारधाम यात्रा मार्ग पर उपलब्ध शौचालयों की संख्या तथा उनकी सफाई व्यवस्था की भी लगातार निगरानी की जा रही है और प्रत्येक सप्ताह फोटोग्राफ मंगाकर स्थिति की समीक्षा की जाती है। ‎जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से जनपद में कोई भी राष्ट्रीय राजमार्ग बंद नहीं हुआ है। कहीं मार्ग थोड़े समय के लिए बाधित होता है तो संबंधित विभागों द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए यातायात सुचारू कराया जा रहा है।

इस अवसर पर ‎वीसी कक्ष में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, अधीक्षण अभियंता लोनिवि के. एस. नेगी, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई ब्रिजेश गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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