उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल ने 27वें कारगिल विजय दिवस पर चीडबाग, शौर्य स्थल पर वीरगति प्राप्त सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की*

*‘हर काम देश के नाम’*

 

*उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल ने 27वें कारगिल विजय दिवस पर चीडबाग, शौर्य स्थल पर वीरगति प्राप्त सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की*

 

देहरादून

 

उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम, ने चीडबाग, शौर्य स्थल, देहरादून में उत्तराखंड सब एरिया द्वारा आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह में वीरगति प्राप्त सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह समारोह 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया।

कारगिल विजय दिवस प्रतिवर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है, जो 1999 के कारगिल युद्ध (ऑपरेशन विजय) में भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और ऐतिहासिक विजय को स्मरण करने का अवसर है। यह दिन उन जांबाजों को समर्पित है जिन्होंने राष्ट्र की अखंडता की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

इस अवसर पर मेजर जनरल एमपीएस गिल, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उत्तराखंड सब एरिया, कमोडोर जे. गुरुमणि, जॉइंट चीफ हाइड्रोग्राफर, एनएचओ देहरादून, ग्रुप कैप्टन नितिन नेगी, 1 एयर फोर्स सेलेक्शन बोर्ड, ब्रिगेडियर आरएस थापा, स्टेशन कमांडर, गढ़ी कैंट देहरादून सहित तीनों सेनाओं के पूर्व सैनिकों, वीर नारियाँ, उनके परिवारजन, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी, जेसीओ और देहरादून स्टेशन के सैन्य कर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारम्भ जसवंत ग्राउंड से चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल तक आयोजित एक भव्य मार्च के साथ हुआ, जिसमें छह विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेटों, पूर्व सैनिकों तथा सेवारत सैन्य कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अनुशासित मार्च शौर्य स्थल पर आयोजित गरिमामय पुष्पचक्र अर्पण समारोह के साथ सम्पन्न हुआ, जो कारगिल के वीर शहीदों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक बना।

 

 

अपने संबोधन में माननीय राज्यपाल ने कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों की वीरता, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि “राष्ट्र सदैव वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के साथ खड़ा है।” उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे इन वीर सैनिकों से प्रेरणा लेकर देश सेवा और राष्ट्रीय गौरव की रक्षा में अपना योगदान दें।

इस अवसर पर माननीय राज्यपाल ने राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान एवं बलिदान के सम्मान में आठ वीर नारियों तथा तीन वीरता पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए बारह श्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ताओं को राज्यपाल प्रशंसा प्रमाण-पत्र (Governor’s Certificate of Appreciation) प्रदान कर सम्मानित किया।

कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के इस कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि हम सभी कारगिल के वीरों की तरह साहस और समर्पण की भावना को आत्मसात कर राष्ट्र के मूल्यों और सम्मान की रक्षा करेंगे।

उत्तराखंड सब एरिया और भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों द्वारा राज्यभर में कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना और शहीदों के अद्वितीय बलिदान को सम्मानित करना है।

 

 

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