प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत- हर्षवर्धन चौहान

हिमाचल

प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत- हर्षवर्धन चौहान

 

शिलाई विस क्षेत्र के कफोटा में 30 महिलाओं को वितरित की गईं सिलाई मशीनें व टेबल

 

नाहन

उद्योग, संसदीय मामले एवं श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने शिलाई विधानसभा क्षेत्र के प्रवास के दौरान आज कफोटा में आयोजित सिलाई मशीन वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने क्षेत्र की 30 महिलाओं को सिलाई मशीनें व टेबल वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे उपलब्ध कराए गए संसाधनों का सदुपयोग करते हुए स्वरोजगार अपनाएं तथा अपनी आजीविका को सुदृढ़ बनाएं।

उद्योग मंत्री ने सिंगर इंडिया लिमिटेड तथा स्किल लैबस रिसोर्स सर्विस के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनें व टेबल उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिला सिरमौर के कफोटा में इस पहल का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह पहल केवल उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थायी आजीविका के विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, व्यवस्थित कौशल मूल्यांकन तथा औपचारिक प्रमाणन की सुविधा भी प्रदान करती है। जिसके मद्देनज़र 04 से 06 जुलाई तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है। इससे लाभार्थियों को अपने कौशल का विकास करने, स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने तथा दीर्घकालिक रूप से आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। उद्योग मंत्री ने कहा कि अभी यह सुविधा 30 महिलाओं को उपलब्ध करवाई गई है भविष्य में अन्य महिलाओं को भी इसमें जोड़ा जाएगा।

उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले वर्षों में आपदा के समय भारी क्षति होने से प्रदेश को जान माल सहित आर्थिक नुक़सान हुआ। इसके उपरांत केंद्र सरकार से प्रदेश को मिलने वाली राशि में भी कटौती की गई है। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान मिलता रहा, लेकिन 16वें वित्तायोग ने वर्षों पुरानी व्यवस्था को खत्म कर 10 हजार करोड़ रुपए की कटौती की है। जिसके माध्यम से प्रदेश में विकास की गति को रोकने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि इसके उपरांत भी प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की ओर अग्रसर है।

 

उन्होंने कहा कि शिलाई विधान सभा क्षेत्र के हर इलाके का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है, उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 19 करोड़ की लागत से शिलाई में 100 बिस्तरों का अस्पताल,16 करोड़ की लागत से शिलाई में मिनी सचिवालय, 1करोड़ 25 लाख से लोक निर्माण विभाग शिलाई के विश्राम ग्रह में अतिरिक्त कमरों का निर्माण कार्य तथा टिंबी में आईपीएच विश्राम ग्रह का निर्माण, मानल-कोडगा संपर्क सड़क लगभग 24 करोड़ से निर्मित, कच्ची ढांग पर शिलाई मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में क्षेत्रवासियों को 15 करोड से निर्मित होने वाली सालवाला-सतौन सडक वैकल्पिक मार्ग का कार्य करेगी। इसके अतिरिक्त पीएचसी काटीं मस्वा 1 करोड़ 26 लाख की लागत से,पीएचसी सतौन 1 करोड़ की लागत से, 5 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से ठोंठा पेयजल योजना तथा 3 करोड़ 50 लाख की लागत से बाग हावड़ा पेयजल योजना, बद्दी शरली मानपुर,बधाना आदि पेयजल योजनाएं शामिल हैं, जिनके निर्माण उपरांत क्षेत्रवासी इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे। इसके अतिरिक्त सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए शिलाई विधान सभा क्षेत्र में बहुत सी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि शिलाई विधानसभा क्षेत्र में आज सभी हेल्थ सेंटरों में कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की गई है।

इसके उपरांत उद्योग मंत्री ने शिलाई में क्षेत्रवासियों की समस्याएं एवं मांगें सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर एसडीएम शिलाई जसपाल, महाप्रबंधक उद्योग रचित शर्मा, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शिलाई सीता राम शर्मा, महाप्रबंधक सिंगर मशीन अनुज भाटिया, स्किल लैबस रिसोर्स सर्विस के निदेशक डॉ. हिमेश तथा सुधीर शर्मा, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग योगेश शर्मा, बीडीओ तिलोडधार राजेन्द्र नेगी, प्रधान बोकाला गीता राम शर्मा, पंचायत समिति सदस्य शिल्ला नेत्र चौहान व विपुल शर्मा कमरऊ, उपप्रधान माशू सुरेश, प्रधान जमना नरेश चौहान, ओएसडी अत्तर राणा, जीतेन्द्र राणा, जगत सिंह पुंडीर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधि व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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