पुडुचेरी के उपराज्यपाल कैलाशनाथन ने सिखों के योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका की सराहना की
खालसा सजना दिवस पर गुरुद्वारा साहिब में हुए नतमस्तक गए और छका लंगर

चंडीगढ़ /पुडुचेरी
पुडुचेरी के उप-राज्यपाल के. कैलाशनाथन ने रविवार को खालसा सजना दिवस और वैसाखी के पावन अवसर पर स्थानीय गुरुद्वारा श्री गुरु नानक देव जी में सिख संगत के साथ नतमस्तक हुए। इस अवसर पर पुडुचेरी, चेन्नई तथा आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए जिससे गहरी आध्यात्मिकता और सामुदायिक सौहार्द का धार्मिक वातावरण बना रहा।
सभा को संबोधित करते हुए उप-राज्यपाल ने राष्ट्र की प्रगति और विकास में सिख कौम के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए सिखों की समृद्ध विरासत, बलिदान, सेवा भावना और राष्ट्रहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। सेवा और लंगर जैसे सिख सिद्धांतों की सराहना करते हुए उन्होंने इन्हें निस्वार्थ सेवा और सामाजिक समानता के स्थायी उदाहरण बताया जो समाज को निरंतर प्रेरित करते हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने उपराज्यपाल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें पारंपरिक सम्मान स्वरूप भेंटें प्रदान कीं जिसमें श्री जपजी साहिब का तमिल अनुवाद, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की पवित्र वाणी तथा श्री दरबार साहिब, अमृतसर का एक मॉडल भेंट किया गया। इसके साथ ही उन्हें सिख संगत की ओर से सम्मान का प्रतीक सिरोपाव भी प्रदान किया गया।
सादगी, निहित समानता, भाईचारे और समावेशिता का परिचय देते हुए उपराज्यपाल ने संगत के साथ पंगत में बैठकर गुरु का लंगर भी ग्रहण किया।
सिख संगत ने उपराज्यपाल के निरंतर सहयोग और केंद्र शासित प्रदेश में सिखों के साथ उनके सक्रिय जुड़ाव के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं जिनमें हरसरण सिंह, महासचिव, पांडिचेरी गुरुद्वारा साहिब, राजिंदर सिंह भसीन, अध्यक्ष, गुरु नानक कॉलेज, चेन्नई, सुरजीत सिंह मदान, निदेशक, यूनाइटेड सिख्स तमिलनाडु, जसबीर सिंह भसीन, सदस्य, भाई मरदाना जी कीर्तनी जत्था, जसबीर सिंह नरूला, संयुक्त सचिव, गुरप्रताप सिंह, ओंकार सिंह तथा परमजीत सिंह, सदस्य, श्री गुरु नानक सत्संग सभा, टी. नगर, चेन्नई शामिल थे।
